सिपाही भर्ती परीक्षा में पेपर लीक: बिहार से नोएडा तक, परीक्षा माफिया की अंधाधुंध कहानी | Up police paper leak

Read Time:3 Minute, 43 Second

“सिपाही भर्ती परीक्षा में पेपर लीक: बिहार से नोएडा तक, परीक्षा माफिया की अंधाधुंध कहानी”

सिपाही भर्ती परीक्षा में पेपर लीक: बिहार से नोएडा तक, परीक्षा माफिया की अंधाधुंध कहानी

उत्तर प्रदेश की सिपाही भर्ती परीक्षा में पेपर लीक के घेरे में आई बिहार कनेक्शन ने देश को हिला दिया है। झांसी से गिरफ्तार हुए परीक्षा माफिया रंजीत डॉन के शार्गिद को नोएडा एसटीएफ ने पकड़ा है। इसके पीछे छिपी बड़ी खोज में प्रमुख रोल निभा रहा है यूपी और बिहार के परीक्षा माफिया का करीबी संबंध।

नोएडा एसटीएफ ने गुरुवार को झांसी से गिरफ्तार किए गए रंजीत डॉन को बिहार के बड़े परीक्षा माफिया रंजीत डॉन के साथ जोड़ने का आरोप लगाया है। रंजीत डॉन, जिन्होंने पहले रंजीत डॉन के नाम से अपनी जगह बनाई थी, उनका असली नाम रजनीश रंजन है। उनका यूपी में गिरफ्तार होना एक महत्वपूर्ण संकेत है कि उन्होंने यूपी में कई सेंटरों पर पेपर लीक के प्रयास में शामिल रहा है।

रंजनीश रंजन को यूपी में पकड़ा जाना एक सशक्त संदेश है, क्योंकि उनकी गिरफ्तारी ने उसके गिरोह की पारदर्शिता में कमी की है। रंजनीश रंजन के गिरोह ने यूपी पुलिस की भर्ती परीक्षा में पेपर लीक करने की साजिश रची थी और इसके लिए उन्होंने व्हाट्सएप पर प्रश्नपत्र की लीक करने का प्रयास किया था। इसके लिए प्रति अभ्यर्थी से आठ लाख रुपये लिए जाने का आरोप है।

रंजनीश रंजन का संबंध पहले बिहार के परीक्षा माफिया रंजीत डॉन के साथ था, जिन्होंने बिहार में कई सरकारी नौकरी की परीक्षाओं के पेपर लीक में हिस्सा लिया था। रंजनीश रंजन का नाम पहले एमबीबीएस परीक्षा के पेपर लीक में आया था, जिसके बाद उन्होंने धीरे-धीरे अन्य परीक्षाओं में भी शामिल हो गया।

नोएडा एसटीएफ की टीम ने इस मामले की जांच करते हुए यह पता लगाया है कि रंजनीश रंजन एक प्रमुख परीक्षा माफिया है, और उनका नाम इस मॉड्यूल की खोज में सामने आया है। एसटीएफ अब इस पूरे मॉड्यूल की

जांच कर रही है ताकि और ऐसे प्रयासों को पहचाना जा सके और इसे रोका जा सके।

इस तरह के दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं से हमें यह याद रखना चाहिए कि इस प्रकार की गतिविधियां न केवल विशेषज्ञता को घेर लेती हैं, बल्कि यह नौकरी हासिल करने की इच्छा रखने वाले लाखों युवाओं की आत्मविश्वास को भी कमजोर करती हैं। इसलिए, समाज को इस तरह की अवैध गतिविधियों के खिलाफ सहमति दिखाने और ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए मिलकर काम करना चाहिए।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Previous post सरकारी नौकरी: रेलवे में 9 हजार पदों पर निकली भर्ती, एज लिमिट 36 वर्ष, रिजर्व कैटेगरी और महिलाओं को फीस में छूट
Next post सामूहिक विवाह में दुल्हा नहीं आया, तो दुल्हन ने लिए जीजा संग फेरे