इन 5 पारंपरिक प्रथाओं के साथ मनाएं सावन शिवरात्रि 2023
![[Image of people praying to Lord Shiva on Sawan Shivratri]](https://hindi.freshnewspoint.com/wp-content/uploads/2023/11/.Happy-Sawan-Shivratri-messages.jpg)
सावन शिवरात्रि एक हिंदू त्योहार है जो सावन के महीने में मनाया जाता है, जो ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार जुलाई-अगस्त में होता है। यह हिंदू कैलेंडर में सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है, और भगवान शिव की पूजा के लिए समर्पित है।
यह त्यौहार शुक्ल चतुर्दशी से पूर्णिमा तक 16 दिनों की अवधि में मनाया जाता है। त्योहार का सबसे महत्वपूर्ण दिन चतुर्दशी है, जो इस वर्ष 15 जुलाई को है।
इस दिन भक्त व्रत रखते हैं और भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हैं। वे मंदिरों में भी जाते हैं और विशेष पूजा में भाग लेते हैं। कुछ लोग गंगा नदी में डुबकी भी लगाते हैं, जिसे बहुत शुभ माना जाता है।
सावन शिवरात्रि भारत में एक बहुत लोकप्रिय त्योहार है, और पूरे देश में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। त्योहार के लिए कुछ सबसे महत्वपूर्ण मंदिरों में वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर, उत्तराखंड में केदारनाथ मंदिर और उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर शामिल हैं।
यहां कुछ प्रमुख कारक दिए गए हैं जो भारत में सावन शिवरात्रि को प्रभावित करते हैं:
- सावन का महीना: हिंदू कैलेंडर में सावन को बहुत ही शुभ महीना माना जाता है। यह वह महीना है जब मानसून की बारिश शुरू होती है, और यह उर्वरता और प्रचुरता से जुड़ा है।
- भगवान शिव: भगवान शिव त्योहार के मुख्य देवता हैं। वह विनाश के देवता हैं, लेकिन उन्हें एक परोपकारी देवता के रूप में भी देखा जाता है जो प्रजनन क्षमता, पुनर्जनन और मोक्ष (मुक्ति) से जुड़ा है।
- गंगा नदी: हिंदू धर्म में गंगा नदी को बहुत पवित्र माना जाता है। माना जाता है कि सावन शिवरात्रि पर गंगा नदी में डुबकी लगाने से पाप धुल जाते हैं और सौभाग्य मिलता है।
- पूजाएँ:सावन शिवरात्रि पर की जाने वाली पूजाएँ बहुत महत्वपूर्ण हैं। वे भगवान शिव के प्रति भक्ति दिखाने और उनका आशीर्वाद पाने का एक तरीका हैं।
- उपवास: सावन शिवरात्रि का उपवास भी त्योहार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह शरीर और मन को शुद्ध करने और आध्यात्मिक मामलों पर ध्यान केंद्रित करने का एक तरीका है।
सावन शिवरात्रि एक सुंदर और शुभ त्योहार है जिसे भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह भक्तों के लिए एक साथ आने और भगवान शिव की पूजा करने और उनका आशीर्वाद लेने का समय है।
About Post Author
FreshNewsPoint
More Stories
खाड़ी देशों में नौकरियां: अवसर, वेतन और आवश्यकताएं
आज के दौर में खाड़ी देशों (Gulf Countries) में नौकरी पाना लाखों भारतीय युवाओं का सपना बन गया है। दुबई,...
शिक्षक भर्ती और रिक्त पदों पर सरकार का जवाब
उत्तर प्रदेश विधानसभा के प्रथम सत्र 2025 के दौरान विधायक इंजी.0 ब्रजेश कठेरिया (किरतनी) द्वारा प्रश्न संख्या 9 के तहत...
24 फरवरी 2025 राशिफल: जानें सभी 12 राशियों का दैनिक भविष्यफल
24 फरवरी 2025 राशिफल नोट: यह राशिफल 24 फरवरी 2025 के लिए है। मेष राशि: आज का दिन आपके लिए...
लखनऊ सुपरजायंट्स: जीत की हैट्रिक का इरादा और गुजरात टाइटंस के खिलाफ प्रतिस्पर्धा | ipl 2024
लखनऊ सुपरजायंट्स: जीत की हैट्रिक का इरादा और गुजरात टाइटंस के खिलाफ प्रतिस्पर्धा ipl 2024 IPL 2024 लखनऊ सुपरजायंट्स ने...
सूर्यकुमार यादव की आईपीएल में वापसी: आगामी मैच में उनका महत्व| ipl 2024 | Suryakumar Yadav
सूर्यकुमार यादव की आईपीएल में वापसी: आगामी मैच में उनका महत्व Suryakumar yadav मुंबई इंडियंस और दिल्ली कैपिटल्स के बीच...
सामूहिक विवाह में दुल्हा नहीं आया, तो दुल्हन ने लिए जीजा संग फेरे
सामूहिक विवाह में दुल्हा नहीं आया, तो दुल्हन ने लिए जीजा संग फेरे यूपी के झांसी जनपद में हाल ही...
Average Rating